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Paperback Details
HindiLanguage
200Print Length
Description
सूफ़ी संत रूमी के काव्य पर आधारित
13वीं शताब्दी के सूफ़ी संत रूमी, जिनका लेखन फ़ारसी में है, आज अमेरिका में सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले कवियों में गिने जाते हैं और दुनिया भर में लोकप्रिय हैं। उनके अंग्रेज़ी अनुवाद लाखों वितरित चुके हैं और 20 से अधिक भाषाओं में पहुँच चुके हैं। पर रूमी का आकर्षण सिर्फ़ प्रसिद्धि नहीं। उनकी पंक्तियों में जजमेंट नहीं, अपनापन है; नैतिकता का कठोर आग्रह नहीं, साफ़ संकेत है। वे अलगाव की कहानी समझते हैं और याद दिलाते हैं कि सच्चा प्रेम ज़िंदगी की दिशा बदल सकता है। तो एक सीधा सवाल है। आपके हिसाब से लोग रूमी को क्यों पढ़ते हैं:फैंटेसी, मनोरंजन या रोमांस के लिए? या भीतर कुछ ऊँचा चाहिए, रोज़मर्रा के शोर से ऊपर कुछ साफ़ और सच्चा? इसी मोड़ पर आचार्य प्रशांत की यह वीडियो-सीरीज़ रूमी के “इश्क़” को आज के समय के संदर्भ में रखती है, जहाँ सोशल मीडिया/टेक्नोलॉजी हमारे रोज़मर्रा की जानकारी का मुख्य स्रोत बन चुके हैं। आचार्य जी हमारी प्रेम-संबंधी धारणाओं पर सवाल उठाते हुए याद दिलाते हैं कि रूमी का इश्क़ “आसमाँ में उड़ना” है, ऐसा प्रेम जो पंख देता है, पिंजरा नहीं; जो जोड़कर बाँधता नहीं, ऊँचा उठाता है।